CURRENT GK OF RAJASTHAN

रणथम्भौर अभयारण्य में बाघों का नामकरण:-
  •   वन विभाग के द्वारा पहली बार विभिन्न बाघों के नाम निर्धांरित किये गये हैं।
  •   जबकि इससे पहले वे नम्बर से जाने जाते थे जैसे T1, T5, T19
  •   लेकिन अब इन्हे हुस्नारा, सुंदरी, कृष्णा, रोमियो, जालिम, सुल्तान जैसे नाम दिये गये हैं।
  •   T6 बाघ अक्सर बाघिन T16 या T41 लैला के साथ नजर आता हैं। इसलिए इसका नाम रोमियो रखा गया हैं।
  •   T25 अत्यधिक गुस्सैला होने के कारण उसे जालिम नाम दिया गया हैं।
  •   इसी प्रकार T3 को बहादुर नाम दिया गया हैं और T 39 को सुल्तान नाम दिया गया हैं।
  •   इसके अलावा चंदा, सूरज, आकाष शावक हैं।
अजमेर विद्युत निगम (डिस्काॅम):-
  •   अजमेर विघुत निगम ने अजमेर में 35 मेगावाट का सोलर प्लांट शुरू किया हैं और इसे ग्रीड़ से जोड़ा गया है।
  •   इससे प्रतिवर्ष 55 हजार यूनिट बिजली का उत्पादन होगा।
  •   प्लांट की खासियत यह हैं कि इसमें 280 वाॅट क्षमता के 126 मोनो क्रिस्टलाइन सोलर तकनीकी से बने मोड्यूल को सीजन के हिसाब से साल में 4 बार हाॅरिजेन्टल से टिल्ट कर अधिकतम सोलर एनर्जी को विद्युत में परिवर्तित किया जा सकता हैं।
  •   इस ऊर्जा को आॅनलाईन माॅनिटर भी किया जा सकता हैं।

द्रव्यवती नदी:-
  •   जयपुर में अतिक्रमण के लिए चर्चा में रही यह नदी वर्तमान में अमानीषाह नाले के नाम से जानी जाती हैं।
  •   5 सितम्बर, 2012 को राजस्थान हाॅईकोर्ट ने इसे अतिक्रमण मुक्त करने का आदेश दिया हैं।
  •   ईष्वरविलास महाकाव्य में इस नदी का नाम द्रव्यवती नदी बताया गया हैं।
  •   सवांई जयसिंह ने जलापूर्ति के लिए इस नाले से शहर के लिए एक नहर निकाली थी, जो चांदपोल के पास सरस्वती कुण्ड को भरती हुई छोटी चैपड़, बड़ी चैपड़, रामगंज चैपड़ के कुण्डों को भरते हुए घाटगेट होते हुए वर्तमान की मोरी नदी में निकलती थी।
  •   बाद में सवांई रामसिंह ने इन जलकुण्डों को बंद कर चैपड़ों का निर्माण करवाया।
  •   सूफी संत अमानीषाह ने शास्त्रीनगर के पास तपस्या की थी और इनकी दरगाह का निर्माण हुआ, इसलिए इसका नाम अमानीषाह का नाला पड़ गया।
थार में मिथेन का उत्सर्जन:-
  •   थार में माइक्रोबियल कोल कन्वर्जन तकनीकि से मिथेन गैस की उत्सर्जन की जाएगी।
  •   इस सन्दर्भ में आर.एस.एम.एम.एल. (राजस्थान राज्य खान-खजिन निगम लिमिटेड) और बिड़ला इन्सीट्यूट आॅफ टेक्नोलाॅजी, मेसरा (झारखड़) में समझौता हुआ हैं।
  •   दिसम्बर, 2012 तक गिरल, सोनड़ी, कोसलू क्षेत्र उत्सर्जन शुरू कर दिया जाएगा।
  •   मिथने के उत्सर्जन के लिए एस्सार गु्रप ने भी इच्छा जाहिर की हैं।
राजसिकों:-
  •   राजसिकों (RAJSICO) का आखिर इनलैंड कंटेनर डिपो जो जोधपुर में स्थित था उसे बंद कर दिया गया हैं।
  •   राजसिकांे के राज्य में 3 अन्य इनलैंड कंटेनर भीलवाड़ा, भिवाड़ी (अलवर), जयपुर पहले से ही बन्द हैं।
  •   राजसिकों एक सरकारी उपक्रम हैं। यह अपने डिपो निजी कम्पनीयों के माध्यम से चलाता हैं।
  •   जोधपुर का डिपो मैक्स षिपिंग एण्ड फाॅरवर्डिंग प्रा. लिमिटेड के द्वार चलाया जा रहा था।
  •   कस्टम विभाग ने इसके साथ अनुबन्ध समाप्त कर दिया।
  •   राजसिंको ने कस्टम से इसको चलाने की अनुमति मांगी, लेकिन अनुमति इसलिए नहीं दी गई कि कस्टम चाहता हैं कि यह डिपो स्वयं राजसिकों चलाए।
बाड़मेर में पेट्रोकेमिकल यूनिट:-
  •   हिन्दुस्तान पेट्रोलियम काॅरपोरेषन लिमिटेड के द्वारा बाड़मेर में इस यूनिट की स्थापना करने की योजना हैं।
  •   केयर्न एनर्जी के द्वारा बाड़मेर में उत्पादित क्रूड पेट्रोकेमिकल के लिए अनुकूल हैं। इसकी कुल लागत 8 हजार करोड़ आएगी।
  •   हिन्दुस्तान पेट्रोलियम काॅरपोरेषन लिमिटेड (HPCL) के द्वारा बाड़मेर में एक रिफाइनरी भी स्थापित कि जा रहीं हैं।
  •   वेदान्ता रिसोर्सज के द्वारा भी ;भ्च्ब्सद्ध के रिफाइनरी में शेयर खरीदने की इच्छा जाहिर की है।
  •   कैष रिच आॅयल कम्पनी भी इसमें भागीदारी चाहती हैं। यद्यपि इन दोनो का इस तरह की अनुमति नहीं मिली हैं।
  •   इस सम्पूर्ण परियोजना में 51% भागीदारी HPCL की होगी एवं 5% भागीदारी राज्य की इंजीनियरिंग कन्सल्टेनसी फर्म EIL की होगी।
थार मे सौर-ऊर्जा संयंत्र:-
  •   राजस्थान स्टेट माइन्स एण्ड मिनरल्स लिमिटेड के द्वारा थार में सोलर संयंत्र स्थापित किये जायेगें।
  •   इसकी कुल क्षमता 5000 किलोवाट तक होगी और संयंत्र का खर्चा 40 करोड़ रुपये होगा।
  •   यह संयंत्र जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर में लगाए जायेगे।
  •   उदयपुर के झामरकोटड़ा (राॅक फास्फेट की खान) की खदान में भी सोलर संयंत्र स्थापित हैं।
 एस्बेस्टोसिस बीमारी:-
  •   उदयपुर के एस्बेस्टीस खदान क्षेत्र ओगणा, झाड़ोल, गोगुन्दा क्षेत्र मैं काम करने वाले आदिवासी मजदूरो में राष्ट्रीय व्यवसायिक स्वास्थ्य संस्थान, अहमदाबाद के चिकित्सकों और वैज्ञानिकों ने इस बीमारी के होने की पुष्टि की हैं।
  •   भारतीयु आर्युविज्ञान अनुसंधान परिषद ने छप्व्भ् को मजदूरो की स्वास्थ्य के जांच का आदेश दिया हैं।

मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना:-
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर की उच्च माध्यमिक परीक्षा की वरीयता सूची में प्रथम 1 लाख ऐसे छात्र/छात्रा जिनके परिवार की वार्षिंक आय 1 लाख रु तक हैं तथा जिन्हें कोई छात्रवृत्ति अथवा प्रोत्साहन राषि नहीं मिल रही हैं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु प्रतिमाह 500 रु. एवं एक वर्षं में कुल 5000 रु. की छात्रवृत्ति, उच्च शिक्षा प्राप्त करने की अवधि (अधिकतम 5 वर्षं) तक देय हैं।
इसके लिए पात्रता निम्न हैं:-
  • राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड़, अजमेर की उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2012 में निम्न कटआॅफ या उससे अधिक अंक प्राप्त किये हों:-
  • कला संवर्ग में 317 अंक (63.40%), विज्ञान संवर्ग में 305 अंक (31.00%), वाणिज्य संवर्ग में 316 अंक (63.20%)
  • छात्र/छात्राओं के माता-पिता (या अभिभावक) की वार्षिंक आय 1 लाख रुपये अथवा उससे कम हों।
  • छात्रवृत्ति राजस्थान के मूल निवासियों को ही मान्य।
  • राजस्थान के किसी राजकीय अथवा मान्यता प्राप्त गैर राजकीय/तकनीकी शिक्षा संस्थान से नियमित अध्ययनरत विद्यार्थी।
  • भारत सरकार/राज्य सरकार की किसी अन्य छात्रवृत्ति अथवा समकक्ष योजना के अन्तर्गत लाभ प्राप्त करेन की स्थिति में इस योजना के अन्गर्तत लाभदेय नहीं होगा।
  • अभ्यार्थी का एस.बी.बी.जे बैंक में बचत खता होना अनिवार्य हैं।
वृद्धावस्था पेंषन:-
  • संतान की उपेक्षा भरण-पोषण के अभाव में एकाकी जीवन जी रहे वृद्धजनों को राज्य सरकार के द्वारा वृद्धावस्था पेंषन और पुलिस सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेगी।
  • वरिष्ठ नागरिको के भरण-पोषण अधिनियम,2010 के नियम 21 के तहत पुलिस की भी विषेष भागीदारी सुनिष्चित की हैं।
  • इसके लिए आवेदन-पत्र सम्बन्धित क्षेत्र के पार्षद अथवा सरपंच से सत्यापित करवाना होगा फिर उपखण्ड अधिकारी उसकी जांच करेगा।
  • सामुदायिक पुलिसिंग:-
    वृद्धावस्था पेंषन योजना के अंतर्गत सम्बन्धित थाना क्षेत्र का बीट अधिकारी अपने क्षेत्र में निवासी वरिष्ठ जनों का सर्वे कर सूची तैयार करेगा और महीने में कम से कम एक बार उस क्षेत्र के सामाजिक कार्यकत्र्तां वरिष्ठजनो से मिलेगें एवं उनकी समस्याऐं सुनेगें और बीट प्रभारी की जिम्मेदारी हैं कि वह वृद्धजनों के सम्पत्ति एवं जीवन को संरक्षण दे।
  • नागरिक युवा स्वयंसेवक के साथ बीट प्रभारी सामुदायिक पुलिसिंग का दायित्व निभायेगी।
अभिलाष टामी:-
  •   नौसेना के ले.कमाण्डर सोलर एनर्जी विंड एनर्जी से चलने वाली बोट के द्वारा 40,000 किलोमीटर का समुन्द्री सफर बिना रूके पूरा किया।
  •   ऐसा करने वाले ये देश के पहले दुनिया के 18 वें व्यक्ति हैं।
  •   यह यात्रा 1 नवम्बर को शुरू होकर अप्रैल, 2013 में पूरी होगी।
आब्जरवेटरी लैब:-
  •   उदयपुर में स्थापित देश की पहली लैब जहां गुरूत्वाकषर्ण तरंगों, खगोलीय घटनाओं का पूर्व अनुमान लगाया जाएगा।
  •   अमेरिका की सहायता से लेजर इन्ट्रोफेरो मीटर गुरूत्वाकर्षण आॅब्जवेटरी लैब की भी स्थापना होगी।
  •   इसकी लागत लगभग 1,000 करोड़ आएगी।
ब्लूमून:-
  •   ब्लूमून एक दुर्लभ खगोलीय घटना हैं।
  •   जब एक महीने में दो बार पूरा चांद दिखाई देता हैं। उसे विज्ञान की भाषा में ब्लूमून कहते हैं।
  •   इसमें चांद का रंग नीला नहीं दिखाई देता हैं। ऐसी घटना 31 अगस्त, 2012 को हुई थी, दुबारा ऐसा 2015 में होगा।
औद्योगिक नोड़:-
  •   राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक कारिडोर योजना के तहत् राजस्थान में 6 औद्योगिक नोड़ विकसित होगें।
  •   इस कारिडोर योजना के अन्तर्गत राजस्थान का 40: हिस्सा लाभान्वित होगा।
  •   नीमराना, भिवाड़ी, टपूकड़ा (अलवर) नोड़ का काम शुरू हो चुका हैं।
  •   पाली, मारवाड़, जोधपुर नोड़ शीघ्र की शुरू कर दिया जाएगा।
  •   इस काॅरिडोर के निर्माण से उदयपुर, विजयनगर (अजमेर), ब्यावर के वस्त्र मीलो का विकास होगा और जोधपुर के ग्वार-गम उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
राज्य में बाल विवाह की स्थिति:-
  •   2010-11 में भारत के 9 राज्यों के सर्वें में राजस्थान का भी सर्वें किया गया।
  •   जिसमें राजस्थान में बाल-विवाह के सम्बन्ध में बड़ी निराषाजनक स्थिति सामने आयी हैं।

क्र..
लड़किया
कुल
ग्रामीण
शहरी
क्र..
लड़के
कुल
ग्रामीण
शहरी
1.
राजस्थान
21.9
26.8
9.0
1.
राजस्थान
30.1
37.1
13.2
2.
जयपुर
22.6
40.6
8.6
2.
जयपुर
26.8
47.5
11.8
3.
भीलवाड़ा
53.9
62.7
24.2
3.
भीलवाड़ा
58.0
65.9
34.3
4.
राजसमन्द
41.9
46.8
14.5
4.
दौसा
47.4
50.9
18.8
5.
बूंदी
38.4
48.9
10.5
5.
टोंक
44.7
56.3
17.6

CURRENT GK OF RAJASTHAN

रणथम्भौर अभयारण्य में बाघों का नामकरण:-
  •   वन विभाग के द्वारा पहली बार विभिन्न बाघों के नाम निर्धांरित किये गये हैं।
  •   जबकि इससे पहले वे नम्बर से जाने जाते थे जैसे T1, T5, T19
  •   लेकिन अब इन्हे हुस्नारा, सुंदरी, कृष्णा, रोमियो, जालिम, सुल्तान जैसे नाम दिये गये हैं।
  •   T6 बाघ अक्सर बाघिन T16 या T41 लैला के साथ नजर आता हैं। इसलिए इसका नाम रोमियो रखा गया हैं।
  •   T25 अत्यधिक गुस्सैला होने के कारण उसे जालिम नाम दिया गया हैं।
  •   इसी प्रकार T3 को बहादुर नाम दिया गया हैं और T 39 को सुल्तान नाम दिया गया हैं।
  •   इसके अलावा चंदा, सूरज, आकाष शावक हैं।
अजमेर विद्युत निगम (डिस्काॅम):-
  •   अजमेर विघुत निगम ने अजमेर में 35 मेगावाट का सोलर प्लांट शुरू किया हैं और इसे ग्रीड़ से जोड़ा गया है।
  •   इससे प्रतिवर्ष 55 हजार यूनिट बिजली का उत्पादन होगा।
  •   प्लांट की खासियत यह हैं कि इसमें 280 वाॅट क्षमता के 126 मोनो क्रिस्टलाइन सोलर तकनीकी से बने मोड्यूल को सीजन के हिसाब से साल में 4 बार हाॅरिजेन्टल से टिल्ट कर अधिकतम सोलर एनर्जी को विद्युत में परिवर्तित किया जा सकता हैं।
  •   इस ऊर्जा को आॅनलाईन माॅनिटर भी किया जा सकता हैं।

द्रव्यवती नदी:-
  •   जयपुर में अतिक्रमण के लिए चर्चा में रही यह नदी वर्तमान में अमानीषाह नाले के नाम से जानी जाती हैं।
  •   5 सितम्बर, 2012 को राजस्थान हाॅईकोर्ट ने इसे अतिक्रमण मुक्त करने का आदेश दिया हैं।
  •   ईष्वरविलास महाकाव्य में इस नदी का नाम द्रव्यवती नदी बताया गया हैं।
  •   सवांई जयसिंह ने जलापूर्ति के लिए इस नाले से शहर के लिए एक नहर निकाली थी, जो चांदपोल के पास सरस्वती कुण्ड को भरती हुई छोटी चैपड़, बड़ी चैपड़, रामगंज चैपड़ के कुण्डों को भरते हुए घाटगेट होते हुए वर्तमान की मोरी नदी में निकलती थी।
  •   बाद में सवांई रामसिंह ने इन जलकुण्डों को बंद कर चैपड़ों का निर्माण करवाया।
  •   सूफी संत अमानीषाह ने शास्त्रीनगर के पास तपस्या की थी और इनकी दरगाह का निर्माण हुआ, इसलिए इसका नाम अमानीषाह का नाला पड़ गया।
थार में मिथेन का उत्सर्जन:-
  •   थार में माइक्रोबियल कोल कन्वर्जन तकनीकि से मिथेन गैस की उत्सर्जन की जाएगी।
  •   इस सन्दर्भ में आर.एस.एम.एम.एल. (राजस्थान राज्य खान-खजिन निगम लिमिटेड) और बिड़ला इन्सीट्यूट आॅफ टेक्नोलाॅजी, मेसरा (झारखड़) में समझौता हुआ हैं।
  •   दिसम्बर, 2012 तक गिरल, सोनड़ी, कोसलू क्षेत्र उत्सर्जन शुरू कर दिया जाएगा।
  •   मिथने के उत्सर्जन के लिए एस्सार गु्रप ने भी इच्छा जाहिर की हैं।
राजसिकों:-
  •   राजसिकों (RAJSICO) का आखिर इनलैंड कंटेनर डिपो जो जोधपुर में स्थित था उसे बंद कर दिया गया हैं।
  •   राजसिकांे के राज्य में 3 अन्य इनलैंड कंटेनर भीलवाड़ा, भिवाड़ी (अलवर), जयपुर पहले से ही बन्द हैं।
  •   राजसिकों एक सरकारी उपक्रम हैं। यह अपने डिपो निजी कम्पनीयों के माध्यम से चलाता हैं।
  •   जोधपुर का डिपो मैक्स षिपिंग एण्ड फाॅरवर्डिंग प्रा. लिमिटेड के द्वार चलाया जा रहा था।
  •   कस्टम विभाग ने इसके साथ अनुबन्ध समाप्त कर दिया।
  •   राजसिंको ने कस्टम से इसको चलाने की अनुमति मांगी, लेकिन अनुमति इसलिए नहीं दी गई कि कस्टम चाहता हैं कि यह डिपो स्वयं राजसिकों चलाए।
बाड़मेर में पेट्रोकेमिकल यूनिट:-
  •   हिन्दुस्तान पेट्रोलियम काॅरपोरेषन लिमिटेड के द्वारा बाड़मेर में इस यूनिट की स्थापना करने की योजना हैं।
  •   केयर्न एनर्जी के द्वारा बाड़मेर में उत्पादित क्रूड पेट्रोकेमिकल के लिए अनुकूल हैं। इसकी कुल लागत 8 हजार करोड़ आएगी।
  •   हिन्दुस्तान पेट्रोलियम काॅरपोरेषन लिमिटेड (HPCL) के द्वारा बाड़मेर में एक रिफाइनरी भी स्थापित कि जा रहीं हैं।
  •   वेदान्ता रिसोर्सज के द्वारा भी ;भ्च्ब्सद्ध के रिफाइनरी में शेयर खरीदने की इच्छा जाहिर की है।
  •   कैष रिच आॅयल कम्पनी भी इसमें भागीदारी चाहती हैं। यद्यपि इन दोनो का इस तरह की अनुमति नहीं मिली हैं।
  •   इस सम्पूर्ण परियोजना में 51% भागीदारी HPCL की होगी एवं 5% भागीदारी राज्य की इंजीनियरिंग कन्सल्टेनसी फर्म EIL की होगी।
थार मे सौर-ऊर्जा संयंत्र:-
  •   राजस्थान स्टेट माइन्स एण्ड मिनरल्स लिमिटेड के द्वारा थार में सोलर संयंत्र स्थापित किये जायेगें।
  •   इसकी कुल क्षमता 5000 किलोवाट तक होगी और संयंत्र का खर्चा 40 करोड़ रुपये होगा।
  •   यह संयंत्र जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर में लगाए जायेगे।
  •   उदयपुर के झामरकोटड़ा (राॅक फास्फेट की खान) की खदान में भी सोलर संयंत्र स्थापित हैं।
 एस्बेस्टोसिस बीमारी:-
  •   उदयपुर के एस्बेस्टीस खदान क्षेत्र ओगणा, झाड़ोल, गोगुन्दा क्षेत्र मैं काम करने वाले आदिवासी मजदूरो में राष्ट्रीय व्यवसायिक स्वास्थ्य संस्थान, अहमदाबाद के चिकित्सकों और वैज्ञानिकों ने इस बीमारी के होने की पुष्टि की हैं।
  •   भारतीयु आर्युविज्ञान अनुसंधान परिषद ने छप्व्भ् को मजदूरो की स्वास्थ्य के जांच का आदेश दिया हैं।

मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना:-
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर की उच्च माध्यमिक परीक्षा की वरीयता सूची में प्रथम 1 लाख ऐसे छात्र/छात्रा जिनके परिवार की वार्षिंक आय 1 लाख रु तक हैं तथा जिन्हें कोई छात्रवृत्ति अथवा प्रोत्साहन राषि नहीं मिल रही हैं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु प्रतिमाह 500 रु. एवं एक वर्षं में कुल 5000 रु. की छात्रवृत्ति, उच्च शिक्षा प्राप्त करने की अवधि (अधिकतम 5 वर्षं) तक देय हैं।
इसके लिए पात्रता निम्न हैं:-
  • राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड़, अजमेर की उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2012 में निम्न कटआॅफ या उससे अधिक अंक प्राप्त किये हों:-
  • कला संवर्ग में 317 अंक (63.40%), विज्ञान संवर्ग में 305 अंक (31.00%), वाणिज्य संवर्ग में 316 अंक (63.20%)
  • छात्र/छात्राओं के माता-पिता (या अभिभावक) की वार्षिंक आय 1 लाख रुपये अथवा उससे कम हों।
  • छात्रवृत्ति राजस्थान के मूल निवासियों को ही मान्य।
  • राजस्थान के किसी राजकीय अथवा मान्यता प्राप्त गैर राजकीय/तकनीकी शिक्षा संस्थान से नियमित अध्ययनरत विद्यार्थी।
  • भारत सरकार/राज्य सरकार की किसी अन्य छात्रवृत्ति अथवा समकक्ष योजना के अन्तर्गत लाभ प्राप्त करेन की स्थिति में इस योजना के अन्गर्तत लाभदेय नहीं होगा।
  • अभ्यार्थी का एस.बी.बी.जे बैंक में बचत खता होना अनिवार्य हैं।
वृद्धावस्था पेंषन:-
  • संतान की उपेक्षा भरण-पोषण के अभाव में एकाकी जीवन जी रहे वृद्धजनों को राज्य सरकार के द्वारा वृद्धावस्था पेंषन और पुलिस सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेगी।
  • वरिष्ठ नागरिको के भरण-पोषण अधिनियम,2010 के नियम 21 के तहत पुलिस की भी विषेष भागीदारी सुनिष्चित की हैं।
  • इसके लिए आवेदन-पत्र सम्बन्धित क्षेत्र के पार्षद अथवा सरपंच से सत्यापित करवाना होगा फिर उपखण्ड अधिकारी उसकी जांच करेगा।
  • सामुदायिक पुलिसिंग:-
    वृद्धावस्था पेंषन योजना के अंतर्गत सम्बन्धित थाना क्षेत्र का बीट अधिकारी अपने क्षेत्र में निवासी वरिष्ठ जनों का सर्वे कर सूची तैयार करेगा और महीने में कम से कम एक बार उस क्षेत्र के सामाजिक कार्यकत्र्तां वरिष्ठजनो से मिलेगें एवं उनकी समस्याऐं सुनेगें और बीट प्रभारी की जिम्मेदारी हैं कि वह वृद्धजनों के सम्पत्ति एवं जीवन को संरक्षण दे।
  • नागरिक युवा स्वयंसेवक के साथ बीट प्रभारी सामुदायिक पुलिसिंग का दायित्व निभायेगी।
अभिलाष टामी:-
  •   नौसेना के ले.कमाण्डर सोलर एनर्जी विंड एनर्जी से चलने वाली बोट के द्वारा 40,000 किलोमीटर का समुन्द्री सफर बिना रूके पूरा किया।
  •   ऐसा करने वाले ये देश के पहले दुनिया के 18 वें व्यक्ति हैं।
  •   यह यात्रा 1 नवम्बर को शुरू होकर अप्रैल, 2013 में पूरी होगी।
आब्जरवेटरी लैब:-
  •   उदयपुर में स्थापित देश की पहली लैब जहां गुरूत्वाकषर्ण तरंगों, खगोलीय घटनाओं का पूर्व अनुमान लगाया जाएगा।
  •   अमेरिका की सहायता से लेजर इन्ट्रोफेरो मीटर गुरूत्वाकर्षण आॅब्जवेटरी लैब की भी स्थापना होगी।
  •   इसकी लागत लगभग 1,000 करोड़ आएगी।
ब्लूमून:-
  •   ब्लूमून एक दुर्लभ खगोलीय घटना हैं।
  •   जब एक महीने में दो बार पूरा चांद दिखाई देता हैं। उसे विज्ञान की भाषा में ब्लूमून कहते हैं।
  •   इसमें चांद का रंग नीला नहीं दिखाई देता हैं। ऐसी घटना 31 अगस्त, 2012 को हुई थी, दुबारा ऐसा 2015 में होगा।
औद्योगिक नोड़:-
  •   राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक कारिडोर योजना के तहत् राजस्थान में 6 औद्योगिक नोड़ विकसित होगें।
  •   इस कारिडोर योजना के अन्तर्गत राजस्थान का 40: हिस्सा लाभान्वित होगा।
  •   नीमराना, भिवाड़ी, टपूकड़ा (अलवर) नोड़ का काम शुरू हो चुका हैं।
  •   पाली, मारवाड़, जोधपुर नोड़ शीघ्र की शुरू कर दिया जाएगा।
  •   इस काॅरिडोर के निर्माण से उदयपुर, विजयनगर (अजमेर), ब्यावर के वस्त्र मीलो का विकास होगा और जोधपुर के ग्वार-गम उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
राज्य में बाल विवाह की स्थिति:-
  •   2010-11 में भारत के 9 राज्यों के सर्वें में राजस्थान का भी सर्वें किया गया।
  •   जिसमें राजस्थान में बाल-विवाह के सम्बन्ध में बड़ी निराषाजनक स्थिति सामने आयी हैं।

क्र..
लड़किया
कुल
ग्रामीण
शहरी
क्र..
लड़के
कुल
ग्रामीण
शहरी
1.
राजस्थान
21.9
26.8
9.0
1.
राजस्थान
30.1
37.1
13.2
2.
जयपुर
22.6
40.6
8.6
2.
जयपुर
26.8
47.5
11.8
3.
भीलवाड़ा
53.9
62.7
24.2
3.
भीलवाड़ा
58.0
65.9
34.3
4.
राजसमन्द
41.9
46.8
14.5
4.
दौसा
47.4
50.9
18.8
5.
बूंदी
38.4
48.9
10.5
5.
टोंक
44.7
56.3
17.6